पूरे समाज की चिंता करते रहे
-महंतप्रसाद रामनिहोर यादव
-महंतप्रसाद रामनिहोर यादव
समाजभूषण स्व. सीताराम सेठ जी की कुछ यादे
एक अच्छा सामाजिक समुदाय तभी बन सकता है जब उस समुदाय मे कुछ अच्छे व्यक्ती सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हैं। जो हर समय सिर्फ अपनी नही बल्की पुरे समाज की चिंता करते रहे और इसी कारण पुरा समाज उनका सन्मान करता है।
स्वर्गीय सितारामजी उन्ही में से एक है 1980 के दशक में मेरी उनसे प्रथम मुलाकात हमारे घर हुई थी स्व. सितारामसेठ स्वयं राम उजागीरजी, राजाराम सेठजी, प्रकाशजी और अदालतजी अपनी कार से शिरडी साई बाबा के दर्शन के बाद श्रीरामपूर आए थे। एक सृजनशील निःस्वार्थी हंसता चेहरा तथा अच्छी व्यक्तीत्व के दावेदार सेठजी थे ही, यहाँ सभी यादव बंधुओं ने सभीका स्वागत किया और बहुत सारी बाते भी कि सभी लोग बिरादरी के पुश्तैनी कारोबार यहा गाय, , भैस, दुध व्यवसाय करनेवाले थे और कुछ लोग यहा खेती भी करने लगे थे।
हमारे पिताजी राम निहोरजी के साथ सभी लोग खेत देखने गए और सेठजी खेती एवं पशुओं के बड़े शौकीन थे। बड़े प्रसन्न हुए और सभी की सराहना भी कि उनके पास अधीक समय नहीं था फिर भी यहाँ बिरादरी स्वागत और व्यवहार देखकर अती प्रसन्न हुए और दोन दिन का समय यहाँ बिताया
एक सादगीभरा निजी जीवन, एक मार्गदर्शक, सलाहकार समाज के प्रती घोर आस्था और उत्तरदायित्व रखनेवाले सच्चा और सफल व्यवसायीक, सामाजिक नेता शिक्षा के प्रती विश्वास एक समाज सुधारक और एक अच्छे इन्सान स्वर्गीय सिताराम सेठ अपनी मिट्टी से हमेशा जुड़े रहे एक सादगीभरा जीवन, कठोर परिश्रम, अच्छा व्यवहार में उनका हरदम विश्वास रहा है। और इसी दम पर पुरा साम्राज्य खड़ा किया
जब भी सिताराम सेठ जी को मौका मिलता चार छे महिने में एक दोन दीन के लिए अपने मित्रो और परिवार के साथ श्रीरामपूर जरूर आते और सभी भाईयों से मुलाकात, हालचाल लेकर कुछ समय आसपास बिताते ।
स्वर्गीय सीताराम सेठ एक नेक इन्सान, कुशल समाजसेवक, मार्गदर्शक, समाज के हर तपके के सुख-दुख । मे शामील होनेवाले एक पारिवारीक सदस्य जैसे खड़े रहे है यादव महासंघ मुंबई के लिए किये गए उनके कार्य, स्कूल की स्थापना, उनकी दूरदृष्टी एवं संघटन कौशल्यता बयान करते हैं। अपने परिवार के लिए अच्छा शिक्षा और उज्वल भविष्य के लिए कठोर परिश्रम, त्याग के साथ पुरा जीवन व्यतीत कीया। उनका समाज निर्माण के लिए अखंड प्रयास दृढता के साथ सुख दुःख मे खडे रहे। मै अपने आपको भाग्यशाली मानता हू की मुझे ऐसे युग पुरुष के साथ मेरे जीवन के कई पल बिताने की लिए मिल सके ।
एक कर्मयोगी शिक्षाप्रेमी महान समाज निर्माता के रुपमे स्वर्गीय सिताराम सेठ जी को पुरा समाज याद करता रहेगा। उन्ही के दिखाए रास्ते पर एवं पद चिन्हों पर उनके दोनो बेटे श्री. अजयजी और श्री विजयजी चल रहे है। उनके उज्वल भविष्य और समाज कार्य के लिए शुभकामनाएँ स्वर्गीय सिताराम सेठ जी पावन स्मृती को कोटी कोटी प्रणाम एवं विनम्र अभिवादन ।
-महंतप्रसाद रामनिहोर यादव,
श्रीरामपुर

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